अवलोकन
लार ग्रंथियों को प्रभावित करने वाला विषाणुजनित संक्रमण जो चेहरे पर दर्दनाक सूजन उत्पन्न करता है। MMR टीकाकरण से बड़े पैमाने पर रोकथाम योग्य।
संचरण
अवलोकन
गलसुआ (कनफेड़) गलसुआ वायरस (पैरामिक्सोवायरस) द्वारा उत्पन्न। विशिष्ट: कर्णमूल ग्रंथि शोथ (पैरोटाइटिस)। जटिलताएँ: वृषणशोथ (वयस्क), सड़न रहित मैनिंजाइटिस, संवेदी-तंत्रिका बधिरता। MMR टीके से रोकथाम योग्य।
अवलोकन
गलसुआ (Mumps) एक वायरल संक्रमण है जो मम्प्स रुबुलावायरस (Mumps rubulavirus) द्वारा होता है। यह पैरोटिड (कर्णमूल) ग्रंथियों की दर्दनाक सूजन (parotitis) द्वारा विशेषित है। 30-40% संक्रमण लक्षणरहित (asymptomatic) होते हैं। सबसे गंभीर जटिलता: यौवनोपरांत पुरुषों में ऑर्काइटिस (orchitis — वृषण शोथ) — 15-30% मामलों में। भारत के UIP में MMR टीका शामिल नहीं है, लेकिन निजी क्षेत्र में उपलब्ध है। IAP (Indian Academy of Pediatrics) MMR टीके की अनुशंसा करती है। IDSP/IHIP के अंतर्गत रिपोर्ट योग्य रोग।
आपातकालीन संकेत
गंभीर वृषण दर्द (मरोड़ — torsion — को बाहर करें — शल्य आपातकाल)। मैनिंजाइटिस के लक्षण (सिरदर्द, गर्दन कड़ापन, प्रकाश-भीति)। दौरे। श्वास कठिनाई।
विस्तृत लक्षण
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
उद्भवन काल: 12-25 दिन।
प्रमुख लक्षण:
-
पैरोटिड ग्रंथि की दर्दनाक सूजन — एकतरफ़ा → दोनों तरफ़ (70-80% में)
-
चबाने और निगलने में कठिनाई
-
बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना
जटिलताओं के लक्षण:
-
ऑर्काइटिस (15-30% यौवनोपरांत पुरुष): गंभीर दर्द और वृषण सूजन
-
एसेप्टिक मैनिंजाइटिस (aseptic meningitis — 1-10%): सिरदर्द, गर्दन में कड़ापन
-
अग्न्याशय शोथ (pancreatitis — 2-5%): पेट दर्द, उल्टी
-
बहरापन (sensorineural deafness — 1/20,000)
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
रोग का क्रम
रोग का सामान्य क्रम:
- ऊष्मायन अवधि: 16–18 दिन (सीमा 12–25 दिन)।
- पूर्वलक्षण चरण (1–2 दिन): हल्का बुखार, अस्वस्थता, सिरदर्द, माँसपेशियों में दर्द, भूख न लगना।
- पैरोटाइटिस (चरम दिन 2–3, अवधि 5–10 दिन): एकपक्षीय फिर अक्सर द्विपक्षीय पैरोटिड ग्रंथि की सूजन। चबाने या खट्टे खाद्य पदार्थ खाने पर दर्द बढ़ता है। कान दर्द। दिन 2–3 पर चरम सूजन, फिर धीरे-धीरे कम होती है।
- जटिलताओं की अवधि (दिन 5–14): ऑर्काइटिस आमतौर पर पैरोटाइटिस शुरू होने के 4–8 दिन बाद विकसित होता है। मेनिंजाइटिस पैरोटाइटिस से पहले, दौरान या बाद में हो सकता है।
- स्वस्थता: 7–10 दिनों में पैरोटाइटिस ठीक। 1–2 सप्ताह में ऑर्काइटिस ठीक।
लक्षणहीन संक्रमण: 20–30% गलसुआ संक्रमण उपनैदानिक होते हैं। अन्य 40–50% केवल अविशिष्ट श्वसन लक्षणों से प्रस्तुत होते हैं।
निदान
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
प्रयोगशाला पुष्टि:
-
RT-PCR — स्टेनसन वाहिनी (Stensen's duct) से स्वैब
-
गलसुआ-विशिष्ट IgM एंटीबॉडी (ELISA)
-
जोड़ीदार IgG — ≥4 गुना वृद्धि
-
IDSP/IHIP के अंतर्गत अनिवार्य रिपोर्टिंग
उपचार
उपलब्ध उपचार विधियाँ
उपचार — सहायक:
-
5 दिनों तक पृथकवास (isolation)
-
दर्दनाशक/ज्वरनाशक (पैरासिटामोल, आइबुप्रोफेन)
-
पैरोटिड ग्रंथि पर गर्म/ठंडी सेंक
-
नरम आहार (खट्टे पदार्थ बचें — ये ग्रंथि दर्द बढ़ाते हैं)
ऑर्काइटिस: पूर्ण बिस्तर आराम, वृषण कोश को सहारा (scrotal support), NSAIDs।
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
रोकथाम विवरण
अपनी सुरक्षा कैसे करें
टीकाकरण:
-
MMR टीका: 2 खुराक — IAP (Indian Academy of Pediatrics) अनुशंसा: 9 माह (या 12 माह) और 15-18 माह पर
-
भारत का UIP वर्तमान में केवल MR (खसरा-रूबेला) टीका देता है — गलसुआ घटक शामिल नहीं
-
निजी क्षेत्र में MMR (खसरा-गलसुआ-रूबेला) टीका उपलब्ध
-
प्रभावकारिता: 78% (एक खुराक), 88% (दो खुराक)
-
प्रकोप के दौरान तीसरी खुराक पर विचार किया जा सकता है
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
यात्रा सलाह
अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले MMR की दो खुराक सुनिश्चित करें। सामूहिक आवास (छात्र विनिमय कार्यक्रम, छात्रावास) में जोखिम अधिक है।
यह कितना सामान्य है?
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
भारत में गलसुआ की सटीक घटना दर (incidence) अज्ञात है क्योंकि अधिसूचना अनिवार्य नहीं थी। छात्रावासों, सैन्य बैरकों और घनी बस्तियों में प्रकोप आम हैं। IAP ने MMR को UIP में शामिल करने की वकालत की है।
जोखिम कारक
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
टीकाकरण न होना/अपूर्ण, क्षीण टीका प्रतिरक्षा, सामूहिक आवास, यौवन-पश्चात आयु (वृषणशोथ जोखिम)।
जटिलताओं का विवरण
संभावित जटिलताएँ
जटिलताएँ:
-
ऑर्काइटिस (15-30%): 50% में शोष (atrophy); बांझपन दुर्लभ लेकिन संभव
-
ऊफोराइटिस (oophoritis — 5% महिलाओं में)
-
एसेप्टिक मैनिंजाइटिस (1-10%): सामान्यतः सौम्य
-
एन्सेफलाइटिस (1/6,000): गंभीर
-
संवेदी-तंत्रिका बहरापन (1/20,000): स्थायी
-
मृत्यु दर: 1.6-3.8/10,000
स्वास्थ्य लाभ और संभावनाएं
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
समग्र: उत्कृष्ट पूर्वानुमान। CFR ~0.01%। अधिकांश में स्व-सीमित।
जटिलताएँ:
-
ऑर्काइटिस (वृषण शोथ): यौवन-पश्चात 15–30% पुरुषों में। ऑर्काइटिस मामलों में 15–30% द्विपक्षीय। उपप्रजनकता दुर्लभ (<5%); पूर्ण बांझपन अत्यंत दुर्लभ।
-
ऊफोराइटिस: यौवन-पश्चात 5% महिलाओं में।
-
असेप्टिक मेनिंजाइटिस: 1–10% (आमतौर पर सौम्य, 3–10 दिनों में ठीक)।
-
संवेदनातंत्रिक बहरापन: 20,000 में 1 (आमतौर पर एकपक्षीय, स्थायी हो सकता है)।
-
अग्नाशयशोथ: 4% (आमतौर पर हल्का, स्व-सीमित)।
प्रतिरक्षा: प्राकृतिक संक्रमण के बाद आजीवन। टीका-प्रेरित प्रतिरक्षा क्षीण हो सकती है (टीकाकृत आबादी में प्रकोपों में योगदान करने वाली द्वितीयक टीका विफलता)।
