अवलोकन
रक्त-जनित विषाणुजनित संक्रमण जो दीर्घकालिक यकृत रोग, सिरोसिस और यकृत कैंसर उत्पन्न कर सकता है। अब DAA दवाओं से 95%+ इलाज योग्य।
संचरण
अवलोकन
वायरल संक्रमण जो यकृत की सूजन का कारण बनता है, मुख्य रूप से रक्त संपर्क के माध्यम से फैलता है।
अवलोकन
हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) HCV वायरस द्वारा होने वाला यकृत का संक्रमण है। मुख्य संचरण: रक्त (संक्रमित सुइयाँ, असुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाएँ, रक्त आधान — 1992 से पहले)। ~70-80% दीर्घकालिक (chronic) संक्रमण विकसित करते हैं। भारत में HCV प्रसार ~0.5-1.5% (लगभग 60-120 लाख संक्रमित)। पंजाब में विशेष रूप से उच्च प्रसार (3-4%) — ऐतिहासिक रूप से असुरक्षित इंजेक्शन प्रथाओं से जुड़ा।
कोई टीका उपलब्ध नहीं। किंतु DAAs (Direct-Acting Antivirals — प्रत्यक्ष-क्रियाशील एंटीवायरल) क्रांतिकारी उपचार — >95% उपचार दर! NVHCP (राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम — 2018 से) के अंतर्गत निःशुल्क DAAs उपचार। IDSP/IHIP अंतर्गत रिपोर्ट योग्य।
आपातकालीन संकेत
पीलिया। उदर-जलोदर (पेट सूजन)। खून की उल्टी (वैरिसियल रक्तस्राव — आपातकाल)। मानसिक भ्रम (यकृत एन्सेफैलोपैथी)। तत्काल अस्पताल।
विस्तृत लक्षण
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
तीव्र संक्रमण (Acute — अधिकांश लक्षणरहित):
-
80% में कोई लक्षण नहीं
-
यदि लक्षण: थकान, भूख न लगना, मतली, पीलिया (हल्का)
दीर्घकालिक संक्रमण (Chronic — दशकों तक "मूक" रोग):
-
दीर्घकालिक थकान (chronic fatigue) — सबसे आम लक्षण
-
यकृत तंतुमयता → सिरोसिस (20-30% में 20-30 वर्षों में)
-
यकृत कोशिका कार्सिनोमा (HCC) — सिरोसिस वाले रोगियों में 1-4%/वर्ष
-
यकृत-बाहरी प्रकटन: क्रायोग्लोबुलिनेमिया (cryoglobulinemia), लिंफोमा (lymphoma), ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
रोग का क्रम
विशिष्ट रोग का कोर्स:
- तीव्र संक्रमण (पहले 6 महीने): आमतौर पर स्पर्शोन्मुख (70-80%)। लक्षण होने पर: थकान, मतली, पेट दर्द, पीलिया। ऊष्मायन अवधि 2-12 सप्ताह।
- स्वतःस्फूर्त निकासी बनाम क्रोनिकता: 15-45% 6 महीने में वायरस को स्वतः समाप्त कर देते हैं। 55-85% क्रोनिक संक्रमण विकसित करते हैं।
- क्रोनिक हेपेटाइटिस सी (वर्षों-दशकों): अक्सर वर्षों तक स्पर्शोन्मुख। धीरे-धीरे बढ़ता यकृत सूजन और फाइब्रोसिस।
- क्षतिपूरित सिरोसिस (10-30 वर्ष): पोर्टल उच्च रक्तचाप विकसित होता है।
- विघटित सिरोसिस / HCC: पीलिया, एन्सेफैलोपैथी, वैरिसियल रक्तस्राव।
निदान
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
निदान:
-
Anti-HCV एंटीबॉडी (ELISA/Rapid): स्क्रीनिंग — सकारात्मक = कभी संक्रमित (वर्तमान या पूर्व)
-
HCV RNA (PCR): सक्रिय संक्रमण की पुष्टि + वायरल लोड
-
जीनोटाइप: उपचार नियम निर्धारण (भारत में जीनोटाइप 3 सबसे आम, उसके बाद 1)
-
यकृत तंतुमयता आकलन: FibroScan (transient elastography) या APRI/FIB-4 स्कोर
-
NVHCP: निःशुल्क जाँच उपलब्ध
उपचार
उपलब्ध उपचार विधियाँ
DAAs — क्रांतिकारी उपचार (>95% उपचार दर):
-
सोफ़ोसब्यूवीर + वेलपातासवीर (Sofosbuvir/Velpatasvir): 12 सप्ताह — सभी जीनोटाइप के लिए (पान-जीनोटाइपिक)
-
सोफ़ोसब्यूवीर + डैक्लातासवीर (Sofosbuvir/Daclatasvir): 12 सप्ताह — भारत में व्यापक उपयोग (जेनेरिक उपलब्ध)
-
SVR (Sustained Virological Response) = उपचार = इलाज >95% मामलों में
भारत में:
-
NVHCP (2018 से): निःशुल्क DAAs उपचार सरकारी अस्पतालों में
-
भारत DAAs जेनेरिक निर्माण का वैश्विक केंद्र — सस्ती दवाएँ उपलब्ध
-
उपचार सभी के लिए (तंतुमयता स्तर की परवाह किए बिना)
-
"Test-Treat-Track" रणनीति
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
रोकथाम विवरण
अपनी सुरक्षा कैसे करें
कोई टीका उपलब्ध नहीं।
रोकथाम उपाय:
-
सुरक्षित इंजेक्शन प्रथाएँ — डिस्पोज़ेबल सीरिंज/सुइयाँ ही उपयोग करें
-
रक्त दाताओं की HCV जाँच (भारत में 1992 से अनिवार्य)
-
चिकित्सा उपकरणों का उचित विसंक्रमण (sterilization)
-
हानि न्यूनीकरण (harm reduction): सुई विनिमय कार्यक्रम (NACO के अंतर्गत)
-
≥18 वर्ष सभी व्यक्तियों की कम से कम एक बार HCV जाँच अनुशंसित
-
NVHCP: जन जागरूकता अभियान
पंजाब मॉडल: पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर HCV जाँच और उपचार अभियान चलाया — "Mukh Mantri Punjab Hepatitis C Relief Fund"
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
यात्रा सलाह
भारत में यात्रा के दौरान: केवल प्रतिष्ठित स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग करें। असुरक्षित चिकित्सा/दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं से बचें। टैटू/पियर्सिंग: केवल स्वच्छ सुविधाओं में। रक्त आधान: विश्वसनीय अस्पतालों में ही।
यह कितना सामान्य है?
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
भारत: HCV प्रसार ~0.5-1.5% (60-120 लाख संक्रमित अनुमान)। पंजाब: 3-4% (सबसे अधिक — ऐतिहासिक असुरक्षित इंजेक्शन)। जीनोटाइप 3 सबसे आम (~60%), उसके बाद जीनोटाइप 1। NVHCP (2018 से): लाखों लोगों की जाँच और उपचार। भारत DAAs जेनेरिक का वैश्विक आपूर्तिकर्ता — विश्व भर में सस्ती HCV दवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है।
जोखिम कारक
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
इंजेक्शन द्वारा नशीली दवाओं का उपयोग (वर्तमान या पिछला), स्क्रीनिंग युग से पहले रक्त उत्पादों की प्राप्ति, असुरक्षित चिकित्सा या दंत प्रक्रियाएँ, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुई चुभने की चोटें, गैर-निष्फल उपकरणों से टैटू या पियर्सिंग, HCV प्रसार वाले देशों में यात्रा।
जटिलताओं का विवरण
संभावित जटिलताएँ
जटिलताएँ:
-
सिरोसिस (20-30% अनुपचारित, 20-30 वर्षों में): जलोदर (ascites), वैरिसियल रक्तस्राव (variceal bleeding), यकृत एन्सेफैलोपैथी
-
यकृत कोशिका कार्सिनोमा (HCC): सिरोसिस रोगियों में 1-4%/वर्ष — DAAs से इलाज के बाद भी HCC निगरानी जारी
-
यकृत-बाहरी: क्रायोग्लोबुलिनेमिया, Non-Hodgkin लिंफोमा, मधुमेह
-
यकृत विफलता → यकृत प्रत्यारोपण की आवश्यकता
स्वास्थ्य लाभ और संभावनाएं
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
उपचार के साथ: प्रत्यक्ष-अभिनय एंटीवायरल (DAA) जीनोटाइप की परवाह किए बिना 8-12 सप्ताह में 95% से अधिक क्रोनिक HCV संक्रमणों को ठीक करते हैं।
उपचार के बिना: 55-85% तीव्र संक्रमण क्रोनिक हो जाते हैं। उनमें से:
-
15-30% 20 वर्षों में सिरोसिस विकसित करते हैं।
-
सिरोसिस रोगियों में से 1-4% प्रति वर्ष हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा विकसित करते हैं।
स्वतःस्फूर्त निकासी: 15-45% तीव्र संक्रमण बिना उपचार के ठीक हो जाते हैं।
