केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
कितनी गंभीर?
मृत्यु का जोखिम
नहीं
टीका उपलब्ध?
लक्षणों तक समय
प्रभावित देश
सक्रिय प्रकोप
सैंडफ्लाई के काटने से प्रसारित, मुख्यतः शाम/रात में। स्थानिक क्षेत्रों (मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया, पूर्वी अफ्रीका, लैटिन अमेरिका) में कीट रिपेलेंट और बेड नेट का उपयोग करें। यात्रियों में त्वचीय रूप अधिक आम है। यात्रा के बाद न ठीक होने वाले त्वचा के अल्सर के लिए मूल्यांकन करवाएँ।
सैंडफ़्लाई द्वारा संचारित परजीवी रोग। त्वचीय, म्यूकोक्यूटेनियस, या आंत्र (काला-अज़ार) रूप। भारत में काला-अज़ार प्रमुख।
लक्षण | आवृत्ति | गंभीरता | शुरुआत |
|---|---|---|---|
| थकान | 85% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| बुखार | 95% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| नाक बंद होना | 90% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| भूख न लगना | 70% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| अस्वस्थता | 80% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| सूजी हुई लसीका ग्रंथियां | 30% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| शोफ | 20% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| त्वचा का अल्सर | 85% | मध्यम | चरम चरण |
| प्लीहा वृद्धि | 95% | गंभीर | चरम चरण |
| यकृत वृद्धि | 80% | मध्यम | चरम चरण |
| वजन कम होना | 90% | मध्यम | चरम चरण |
| निगलने में कठिनाई | 30% | मध्यम | चरम चरण |
| रक्तस्राव | 60% | मध्यम | चरम चरण |
| रात को पसीना आना | 40% | हल्का | चरम चरण |
| खांसी | 15% | हल्का | चरम चरण |
| दस्त | 20% | हल्का | चरम चरण |
| खुजली | 15% | हल्का | चरम चरण |
| पेटीकिया | 25% | मध्यम | चरम चरण |
| निम्न रक्तचाप | 5% | मध्यम | अंतिम चरण |
| पीलिया | 10% | मध्यम | अंतिम चरण |
लीशमैनियासिस एक वेक्टर-जनित परजीवी रोग है जो Leishmania वंश के प्रोटोज़ोआ के कारण होता है, जो संक्रमित मादा फ्लीबोटोमाइन सैंडफ्लाइ के काटने से संचरित होता है। 20 से अधिक Leishmania प्रजातियाँ मनुष्यों के लिए रोगजनक हैं। रोग तीन प्रमुख नैदानिक रूपों में प्रकट होता है: विसरल लीशमैनियासिस (VL, काला-अज़ार), त्वचीय लीशमैनियासिस (CL), और म्यूकोक्यूटेनियस लीशमैनियासिस (MCL)। VL सबसे गंभीर रूप है और उपचार के बिना लगभग हमेशा घातक है। अनुमानित 7,00,000 से 10 लाख नए मामले प्रतिवर्ष 98 स्थानिक देशों में होते हैं।
लीशमैनियासिस (Leishmaniasis) लीशमैनिया (Leishmania) परजीवी द्वारा होने वाला संक्रमण है। संचरण: सैंडफ़्लाई (sandfly/Phlebotomus) — शाम/रात में काटती है। तीन रूप: आंत्रीय लीशमैनियासिस (Visceral Leishmaniasis — VL, काला-अज़ार/Kala-Azar), त्वचीय लीशमैनियासिस (Cutaneous Leishmaniasis — CL), श्लैष्मिक लीशमैनियासिस (Mucocutaneous — MCL)। भारत: काला-अज़ार (VL) अत्यंत स्थानिक — बिहार (~90% मामले), झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश। "काला-अज़ार" नाम हिंदी से — "काला बुखार" (त्वचा का काला पड़ना)। बिना उपचार: VL → 90%+ मृत्यु दर। काला-अज़ार उन्मूलन कार्यक्रम (KAEP — Kala-Azar Elimination Programme): लक्ष्य — प्रति 10,000 जनसंख्या <1 मामला (ज़िला स्तर)। L. donovani: भारतीय VL का कारक। PKDL (Post-Kala-Azar Dermal Leishmaniasis): उपचार के बाद त्वचा पर दाने — संचरण का भंडार (reservoir)।
तुरंत चिकित्सा सहायता लें: 2 सप्ताह से अधिक तेज बुखार बिना ज्ञात कारण, तेज़ी से बढ़ता पेट (हेपेटोस्प्लेनोमेगाली), गंभीर रक्ताल्पता, रक्तस्राव (नकसीर, पेटीकिए), 2-3 महीने से अधिक न ठीक होने वाला त्वचा अल्सर, खूनी स्राव के साथ नाक अवरोध, साँस लेने या निगलने में कठिनाई। अनुपचारित VL की CFR 95% से अधिक है।
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
काला-अज़ार (VL — आंत्रीय): लंबा अनियमित बुखार (2+ सप्ताह — मलेरिया जैसा लेकिन उपचार से ठीक नहीं)
विशाल प्लीहा वृद्धि (massive splenomegaly — नाभि तक)
यकृत वृद्धि (hepatomegaly)
गंभीर क्षीणता/वज़न कम (wasting — "काठ" जैसा शरीर)
पैन्साइटोपीनिया (pancytopenia — सभी रक्त कोशिकाएँ कम)
त्वचा का काला पड़ना (hyperpigmentation — "काला-अज़ार" का कारण)
रक्ताल्पता (anaemia)। त्वचीय (CL): दर्दरहित अल्सर (painless ulcer) — उठे किनारे, मध्य में क्रस्ट। PKDL: काला-अज़ार उपचार के 6 माह-कई वर्ष बाद — चेहरे/शरीर पर दाने/गाँठ (nodules)
संक्रामक — सैंडफ़्लाई → नए मामले।
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
VL: ऊष्मायन 2-6 महीने। धीरे-धीरे शुरुआत: बुखार, थकान → प्रगतिशील स्प्लेनोमेगाली, कैशेक्सिया, पैन्साइटोपीनिया → उपचार के बिना 1-2 वर्ष में मृत्यु। PKDL उपचार के महीनों-वर्षों बाद। CL: ऊष्मायन 2-8 सप्ताह। पपुल → अल्सर → स्व-ठीक 6-12 महीनों में। MCL: CL के महीनों-वर्षों बाद प्रगतिशील नासोग्रसनी विनाश।
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
काला-अज़ार (VL): rK39 रैपिड टेस्ट: रक्त — अत्यंत संवेदनशील/विशिष्ट, KAEP में प्राथमिक निदान
स्प्लेनिक/बोन मैरो एस्पिरेट: अमैस्टिगोट (LD bodies) — गोल्ड स्टैंडर्ड। DAT (Direct Agglutination Test)। PCR। त्वचीय (CL): स्लिट-स्किन स्मीयर/बायोप्सी: अमैस्टिगोट
PCR — प्रजाति पहचान। भारत में: RMRI बिहार (Rajendra Memorial Research Institute — पटना) — KAEP रेफ़रेंस लैब
NIMR, ICMR नेटवर्क।
उपलब्ध उपचार विधियाँ
काला-अज़ार (VL — भारत): लिपोसोमल एम्फ़ोटेरिसिन B (Liposomal Amphotericin B — AmBisome): एकल IV खुराक 10 मिलीग्राम/किग्रा — KAEP प्रथम पंक्ति (WHO/भारत सरकार)
सोडियम स्टिबोग्लूकोनेट (SSG/Sodium Stibogluconate): पहले प्रथम पंक्ति था — प्रतिरोध 60%+ (बिहार)
मिल्टेफ़ोसिन (Miltefosine): मौखिक, 28 दिन — गर्भवती में वर्जित (teratogenic)। संयोजन चिकित्सा: AmBisome + Miltefosine। PKDL: मिल्टेफ़ोसिन 12 सप्ताह या AmBisome। VL-HIV सह-संक्रमण: गंभीर — AmBisome + माध्यमिक प्रोफ़ाइलैक्सिस। त्वचीय (CL): स्थानीय उपचार (intralesional SSG), क्रायोथेरेपी
व्यापक: मिल्टेफ़ोसिन।
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
अपनी सुरक्षा कैसे करें
सैंडफ़्लाई से बचाव: कीटनाशक-उपचारित मच्छरदानी (ITN/LLIN) — KAEP द्वारा वितरण
IRS (Indoor Residual Spraying) — DDT/सिंथेटिक पाइरेथ्रॉइड
DEET — शाम/रात में
बारीक जाली वाली मच्छरदानी (fine mesh — सैंडफ़्लाई बहुत छोटी)
पंखा/AC — सैंडफ़्लाई कमज़ोर उड़ने वाली। KAEP (काला-अज़ार उन्मूलन कार्यक्रम): सक्रिय केस खोज (active case detection), शीघ्र उपचार (AmBisome), IRS, ITN वितरण, PKDL उपचार (भंडार कम करना)। कोई मानव टीका नहीं।
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
बिहार/झारखंड/पश्चिम बंगाल यात्रा: मच्छरदानी, DEET — विशेषकर शाम/रात। बच्चों/इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज़्ड: विशेष सावधानी। अफ़्रीका (सूडान, इथियोपिया, केन्या)/मध्य-पूर्व/लैटिन अमेरिका: CL/VL जोखिम — सैंडफ़्लाई से बचाव। लंबा बुखार + प्लीहा वृद्धि (बिहार/स्थानिक क्षेत्र से) → काला-अज़ार जाँच (rK39)। त्वचा का दर्दरहित अल्सर (विदेश से) → CL जाँच।
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
भारत: वैश्विक VL बोझ का ~10-15%। बिहार: ~90% भारतीय मामले — मुज़फ़्फ़रपुर, वैशाली, समस्तीपुर, सारण, पटना ज़िले। L. donovani: मानव → सैंडफ़्लाई → मानव (एंथ्रोपोनोटिक)। KAEP लक्ष्य: <1/10,000 (ज़िला स्तर) — महत्वपूर्ण प्रगति (2012: ~33,000 → 2023: ~4,000 मामले)। चुनौतियाँ: PKDL (भंडार), VL-HIV, दवा-प्रतिरोध, जलवायु परिवर्तन। वैश्विक: 98 स्थानिक देश, VL: ~50,000-90,000 नए मामले/वर्ष; CL: ~700,000-1,000,000। भारत, ब्राज़ील, पूर्वी अफ़्रीका (सूडान, इथियोपिया, सोमालिया): VL हॉटस्पॉट।
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
कुपोषण, विस्थापन, गरीबी, खराब आवास, HIV सह-संक्रमण, प्रतिरक्षा-दमन, स्थानिक क्षेत्रों में ग्रामीण निवास, बाहरी गतिविधियाँ (सैन्य, वानिकी, कृषि), संघर्ष और विस्थापन, जलवायु परिवर्तन (सैंडफ्लाइ वितरण विस्तार)।
संभावित जटिलताएँ
VL बिना उपचार: 90%+ मृत्यु (सेकेंडरी इन्फ़ेक्शन, रक्तस्राव, पैन्साइटोपीनिया)। PKDL: उपचार के बाद 5-15% — संक्रामक भंडार, उन्मूलन में बाधा। VL-HIV: तेज़ी से बिगड़ता, बार-बार रिलैप्स, अधिक मृत्यु दर। CL: विकृत निशान (disfiguring scars) — सामाजिक कलंक। MCL: नाक/गले का विनाश (L. braziliensis — लैटिन अमेरिका)। दवा-प्रतिरोध: बिहार में SSG प्रतिरोध 60%+ — इसीलिए AmBisome प्रथम पंक्ति बना।
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
VL अनुपचारित: CFR >95%। VL उपचारित: इलाज दर 90-98%। HIV सह-संक्रमण: पुनरावृत्ति 20-60%। CL: अधिकांश स्व-ठीक 6-12 महीनों में, स्थायी निशान। MCL उपचारित: इलाज दर 70-90%, पुनरावृत्ति सामान्य। शीघ्र निदान और उचित उपचार अधिकांश रोगियों के लिए उत्कृष्ट परिणाम देते हैं।
इस पृष्ठ की सामग्री केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार की सिफारिश नहीं है। यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ हैं, तो किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करें। Medova कोई चिकित्सा सेवा प्रदाता नहीं है।
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