अवलोकन
यकृत का विषाणुजनित संक्रमण जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है। आमतौर पर आत्म-सीमित लेकिन दुर्लभ मामलों में तीव्र यकृत विफलता हो सकती है।
लक्षण
लक्षण | आवृत्ति | गंभीरता | शुरुआत |
|---|---|---|---|
| पेट दर्द | 60% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| थकान | 80% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| बुखार | 70% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| भूख न लगना | 80% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| अस्वस्थता | 75% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| मतली | 70% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| सिरदर्द | 50% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| मांसपेशियों में दर्द | 50% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| उल्टी | 40% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| गहरे रंग का मूत्र | 80% | मध्यम | चरम चरण |
| यकृत वृद्धि | 60% | मध्यम | चरम चरण |
| पीलिया | 70% | गंभीर | चरम चरण |
| खुजली | 40% | हल्का | चरम चरण |
| वजन कम होना | 30% | हल्का | चरम चरण |
| जोड़ों का दर्द | 15% | हल्का | चरम चरण |
| प्लीहा वृद्धि | 15% | हल्का | चरम चरण |
| दाने | 5% | हल्का | चरम चरण |
| दस्त | 20% | हल्का | कोई भी चरण |
संचरण
अवलोकन
हेपेटाइटिस ए वायरस के कारण होने वाला अत्यधिक संक्रामक यकृत संक्रमण।
अवलोकन
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) HAV वायरस द्वारा होने वाला यकृत (liver) का तीव्र संक्रमण है। मल-मौखिक मार्ग (fecal-oral route) से संचरित — दूषित जल और भोजन। सदा तीव्र — कभी दीर्घकालिक (chronic) नहीं होता। गंभीरता आयु पर निर्भर: 6 वर्ष से कम बच्चों में ~70% लक्षणरहित। भारत: उच्च स्थानिकता (high endemicity) — अधिकांश बच्चे 10 वर्ष की आयु से पहले संक्रमित हो जाते हैं। शहरीकरण और स्वच्छता सुधार के साथ "महामारी विज्ञान परिवर्तन" (epidemiologic shift) हो रहा है — अब वयस्कों में रोगसूचक संक्रमण बढ़ रहे हैं।
IAP हेपेटाइटिस A टीकाकरण की अनुशंसा करती है (UIP में अभी शामिल नहीं)। IDSP/IHIP अंतर्गत रिपोर्ट योग्य।
आपातकालीन संकेत
गंभीर पीलिया + मानसिक भ्रम (यकृत एन्सेफैलोपैथी — आपातकाल)। अनियंत्रित रक्तस्राव। लगातार उल्टी + निर्जलीकरण। तत्काल अस्पताल।
विस्तृत लक्षण
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
उद्भवन काल: 15-50 दिन
-
गंभीर थकान, भूख न लगना, मतली, उल्टी
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पीलिया (jaundice) — वयस्कों में >70% में
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गहरा मूत्र, हल्का मल
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दाहिने ऊपरी पेट में दर्द
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तीव्र यकृत विफलता (fulminant hepatitis — ~0.5% वयस्कों में): मृत्यु दर 50-70%
भारत में: स्वच्छता सुधार क्षेत्रों में वयस्कों में प्रकोप बढ़ रहे हैं (केरल 2024 प्रकोप)
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
रोग का क्रम
रोग का सामान्य क्रम:
- ऊष्मायन अवधि: 15–50 दिन (औसत 28 दिन)।
- पूर्वलक्षण चरण (5–7 दिन): थकान, अस्वस्थता, भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी, बुखार (38–39°C), दाहिनी ऊपरी उदर में दर्द।
- पीलिया चरण (1–3 सप्ताह): पीलिया, गहरा मूत्र, पीला मल। ALT चरम 500–5,000 IU/L। पीलिया प्रकट होते ही लक्षणों में आमतौर पर सुधार होता है। 6 वर्ष से कम के बच्चे: 70% अपीतज होते हैं।
- स्वस्थता (सप्ताहों से महीनों): क्रमिक समाधान। 2–6 महीनों में यकृत कार्य की पूर्ण पुनर्प्राप्ति।
आयु-निर्भर प्रस्तुति:
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6 वर्ष से कम के बच्चे: अधिकतर लक्षणहीन (70%), लेकिन अत्यधिक संक्रामक।
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वयस्क: >70% में लक्षण, 40–70% में पीलिया।
संक्रामकता: पीलिया शुरू होने से 2 सप्ताह पहले अधिकतम। मल में वायरस का उत्सर्जन: पीलिया से 1–3 सप्ताह पहले से 1 सप्ताह बाद तक।
निदान
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
निदान:
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Anti-HAV IgM — तीव्र संक्रमण की पुष्टि
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Anti-HAV IgG — पूर्व संक्रमण/प्रतिरक्षा
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यकृत कार्य परीक्षण (LFT): ALT/AST बहुत बढ़ा हुआ
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IDSP/IHIP अंतर्गत रिपोर्टिंग
उपचार
उपलब्ध उपचार विधियाँ
उपचार — सहायक:
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विश्राम, पर्याप्त जलयोजन (hydration)
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यकृत-विषाक्त पदार्थों से बचें (शराब — 6 माह तक)
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पैरासिटामोल सावधानी से (यकृत भार)
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तीव्र यकृत विफलता (fulminant): यकृत प्रत्यारोपण (liver transplant)
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
रोकथाम विवरण
अपनी सुरक्षा कैसे करें
टीकाकरण:
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हेपेटाइटिस A टीका: 2 खुराक (0, 6-12 माह बाद)
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Twinrix (हेपेटाइटिस A+B संयुक्त) — यात्रियों के लिए उपयोगी
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IAP अनुशंसा: 12 माह के बाद 2 खुराक; UIP में अभी शामिल नहीं
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भोजन-जल स्वच्छता: "पकाओ, उबालो, छीलो — या भूल जाओ" (Boil it, cook it, peel it, or forget it)
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सुरक्षित पेयजल: बोतलबंद/उबला पानी
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
यात्रा सलाह
भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री: हेपेटाइटिस A टीकाकरण अनुशंसित। भोजन और जल स्वच्छता का कड़ाई से पालन। सड़क किनारे भोजन में सावधानी। बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता।
यह कितना सामान्य है?
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
भारत: उच्च स्थानिकता। अधिकांश बच्चे 10 वर्ष तक प्रतिरक्षित। शहरी क्षेत्रों में महामारी विज्ञान परिवर्तन — वयस्कों में प्रकोप बढ़ रहे। 2024: केरल, राजस्थान में प्रमुख प्रकोप (दूषित जल)। बाढ़ और मानसून के बाद जलजनित प्रकोप आम।
जोखिम कारक
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
स्थानिक क्षेत्रों में यात्रा, दूषित भोजन या पानी का सेवन, खराब स्वच्छता प्रथाएँ।
जटिलताओं का विवरण
संभावित जटिलताएँ
जटिलताएँ:
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तीव्र यकृत विफलता (~0.5% वयस्क): मृत्यु दर 50-70% (प्रत्यारोपण के बिना)
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लंबी बीमारी (relapsing hepatitis — 10-15%)
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कोलेस्टेटिक हेपेटाइटिस — लंबे समय तक पीलिया
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भारत में: गर्भवती महिलाओं में तीव्र यकृत विफलता का जोखिम अधिक (HEV सह-संक्रमण भी आम)
स्वास्थ्य लाभ और संभावनाएं
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
समग्र पूर्वानुमान: उत्कृष्ट। कोई दीर्घकालिक संक्रमण नहीं। >99% मामलों में पूर्ण स्वस्थता।
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CFR: बच्चों में कुल <0.1%, 40 वर्ष से कम वयस्कों में 0.3%, ≥50 वर्ष के वयस्कों में 1.8% तक बढ़ती है।
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फुलमिनेंट हेपेटाइटिस: दुर्लभ (<0.5%), पहले से मौजूद यकृत रोग (दीर्घकालिक HBV या HCV) वाले रोगियों में अधिक सामान्य।
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पुनरावर्ती हेपेटाइटिस: 3–20% मामलों में स्पष्ट स्वस्थता के 1–4 महीने बाद पुनरावृत्ति (स्व-सीमित)।
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कोलेस्टेटिक हेपेटाइटिस: <5% में लंबे समय तक पीलिया (>3 महीने) — बिना किसी अवशिष्ट प्रभाव के ठीक होता है।
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कोई वाहक अवस्था नहीं। प्राकृतिक संक्रमण के बाद आजीवन प्रतिरक्षा।