अवलोकन
यकृत का विषाणुजनित संक्रमण जो दीर्घकालिक हो सकता है और सिरोसिस तथा यकृत कैंसर का कारण बन सकता है। टीकाकरण से पूरी तरह रोकथाम योग्य।
लक्षण
लक्षण | आवृत्ति | गंभीरता | शुरुआत |
|---|---|---|---|
| थकान | 70% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| भूख न लगना | 60% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| अस्वस्थता | 65% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| मतली | 55% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| जोड़ों का दर्द | 25% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| बुखार | 30% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| मांसपेशियों में दर्द | 30% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| उल्टी | 35% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| दस्त | 15% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| सिरदर्द | 25% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| जोड़ों में सूजन | 10% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| दाने | 15% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| सूजी हुई लसीका ग्रंथियां | 10% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| पेट दर्द | 50% | मध्यम | चरम चरण |
| गहरे रंग का मूत्र | 45% | मध्यम | चरम चरण |
| यकृत वृद्धि | 50% | हल्का | चरम चरण |
| पीलिया | 40% | मध्यम | चरम चरण |
| खुजली | 20% | हल्का | चरम चरण |
| प्लीहा वृद्धि | 15% | हल्का | चरम चरण |
| वजन कम होना | 15% | हल्का | कोई भी चरण |
संचरण
अवलोकन
हैपेटाइटिस बी (HBV) हैपेटाइटिस बी वायरस (Hepadnaviridae कुल, DNA वायरस) द्वारा उत्पन्न एक संभावित जानलेवा यकृत संक्रमण है। संचरण रक्त और शारीरिक तरलों के माध्यम से (ऊर्ध्वाधर, यौन, त्वचा भेदन)। विश्व भर में ~29.6 करोड़ दीर्घकालिक संक्रमित, ~8,20,000 मृत्यु/वर्ष सिरोसिस और हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा से। अत्यधिक प्रभावी टीका उपलब्ध है।
अवलोकन
हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) HBV वायरस द्वारा होने वाला यकृत (liver) का संक्रमण है। यह HIV से 50-100 गुना अधिक संक्रामक है। संचरण: रक्त (percutaneous), यौन (sexual), और माँ से बच्चे (vertical/perinatal)। संक्रमित नवजातों में 90% दीर्घकालिक (chronic) संक्रमण विकसित करते हैं। भारत में HBV का मध्यम स्तर का प्रसार (intermediate endemicity) है — HBsAg वाहक दर ~1% (लगभग 1.3-1.5 करोड़ वाहक)। कुछ जनजातीय क्षेत्रों (अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम) में प्रसार 4-8% तक है।
भारत के UIP में हेपेटाइटिस B टीका 2007-08 से शामिल है — जन्म खुराक (birth dose) + पेंटावैलेंट टीके के माध्यम से 3 खुराक। WHO का अनुमान: वैश्विक स्तर पर 254 मिलियन दीर्घकालिक HBV संक्रमित। IDSP/IHIP के अंतर्गत रिपोर्ट योग्य।
आपातकालीन संकेत
गंभीर पीलिया + मानसिक भ्रम (hepatic encephalopathy — यकृत एन्सेफैलोपैथी)। अनियंत्रित रक्तस्राव। उदर-जलोदर (ascites)। रक्तगुल्म (hematemesis)।
विस्तृत लक्षण
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
उद्भवन काल: 45-180 दिन
तीव्र संक्रमण (Acute):
-
थकान, भूख न लगना, मतली
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पीलिया (jaundice) — त्वचा और आँखों का पीला होना
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दाहिने ऊपरी पेट में दर्द (right hypochondrium)
-
गहरे रंग का मूत्र, हल्के रंग का मल
दीर्घकालिक संक्रमण (Chronic — दशकों तक लक्षणरहित):
-
यकृत तंतुमयता (liver fibrosis) → सिरोसिस (cirrhosis)
-
यकृत कोशिका कार्सिनोमा (hepatocellular carcinoma — HCC)
-
यकृत-बाहरी प्रकटन: पॉलीआर्टेराइटिस नोडोसा, ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
रोग का क्रम
रोग का सामान्य क्रम:
- ऊष्मायन अवधि: 45–180 दिन (औसत 60–90 दिन)।
- तीव्र चरण:
- पूर्वलक्षण (1–2 सप्ताह): थकान, भूख न लगना, जी मिचलाना, दाहिनी ऊपरी उदर में असुविधा, जोड़ों का दर्द।
- पीलिया चरण: ~30% वयस्कों में पीलिया (बच्चों में दुर्लभ)। गहरा मूत्र, पीला मल। ALT चरम 1,000–3,000 IU/L। अवधि: 1–3 महीने।
- अपीतज संक्रमण: ~70% वयस्कों में, अक्सर अनिदानित।
- समाधान या दीर्घकालिकता:
- वयस्क: >95% में 6 महीने के भीतर HBsAg क्लीयरेंस। Anti-HBs सेरोकंवर्ज़न स्वस्थता का संकेत है।
- दीर्घकालिकता: 6 महीने से अधिक HBsAg बना रहना। चरण: प्रतिरक्षा सहिष्णु → प्रतिरक्षा सक्रिय → निष्क्रिय वाहक → पुनर्सक्रियण (परिवर्तनशील प्रगति)।
- दीर्घकालिक चरण: HBeAg-धनात्मक दीर्घकालिक हेपेटाइटिस → HBeAg सेरोकंवर्ज़न → HBeAg-ऋणात्मक दीर्घकालिक हेपेटाइटिस → निष्क्रिय वाहक अवस्था।
सीरोलॉजिकल समय-रेखा: HBsAg संपर्क के 1–10 सप्ताह बाद लक्षणों से पहले प्रकट होता है। Anti-HBc IgM तीव्र संक्रमण का संकेत है। Anti-HBs स्वस्थता और प्रतिरक्षा का संकेत है।
निदान
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
नैदानिक जाँच:
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HBsAg — सक्रिय संक्रमण का संकेतक
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Anti-HBs — प्रतिरक्षा (टीकाकरण/स्वाभाविक)
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Anti-HBc IgM/IgG — तीव्र/दीर्घकालिक विभेद
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HBeAg — उच्च संक्रामकता
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HBV-DNA — वायरल लोड
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अल्ट्रासाउंड + AFP हर 6 माह (HCC निगरानी)
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IDSP/IHIP के अंतर्गत अनिवार्य रिपोर्टिंग
उपचार
उपलब्ध उपचार विधियाँ
तीव्र: सहायक उपचार।
दीर्घकालिक:
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टेनोफोविर (Tenofovir) 300 mg/दिन या एंटेकाविर (Entecavir) 0.5-1 mg/दिन — दीर्घकालिक
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पेगिंटरफेरॉन अल्फ़ा (Peginterferon alfa) — सीमित अवधि का विकल्प
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लक्ष्य: HBV-DNA का दमन, HCC जोखिम में कमी
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भारत में: NVHCP (National Viral Hepatitis Control Programme — 2018 से) के अंतर्गत निःशुल्क उपचार उपलब्ध
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
रोकथाम विवरण
अपनी सुरक्षा कैसे करें
भारत का UIP टीकाकरण अनुसूची:
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जन्म खुराक: हेपेटाइटिस B टीका (24 घंटे के भीतर) — माँ से बच्चे में संचरण रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
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6, 10, 14 सप्ताह: पेंटावैलेंट टीका (DPT + HepB + Hib)
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2007-08 से UIP में शामिल; मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत कवरेज विस्तार
संपर्क-पश्चात रोकथाम: HBsAg+ माता के नवजात: HBIG + टीका <12 घंटे में।
NVHCP: राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम — निःशुल्क जाँच और उपचार। जन्मपूर्व HBsAg जाँच अनिवार्य।
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
यात्रा सलाह
मध्यम/उच्च प्रसार वाले क्षेत्रों की यात्रा से पहले टीकाकरण। Twinrix (हेपेटाइटिस A+B संयुक्त टीका) उपलब्ध। असुरक्षित चिकित्सा सुविधाओं में प्रक्रियाओं से बचें। भारत आने वाले यात्री: सुनिश्चित करें कि HepB टीकाकरण पूर्ण है।
यह कितना सामान्य है?
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
भारत: मध्यम स्तर का प्रसार (~1% HBsAg+, ~1.3-1.5 करोड़ वाहक)। जनजातीय क्षेत्रों (पूर्वोत्तर भारत) में 4-8%। UIP में हेपेटाइटिस B टीकाकरण (2007-08 से) के बाद बच्चों में नए संक्रमण में उल्लेखनीय कमी। NVHCP (2018 से) के अंतर्गत बड़े पैमाने पर जाँच और उपचार कार्यक्रम।
जोखिम कारक
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
HBsAg-पॉजिटिव माता (वैश्विक रूप से सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक), टीकाकरण न होना, स्वास्थ्य कर्मी, IDU, अनेक यौन साथी, MSM, घरेलू संपर्क, उच्च प्रसार क्षेत्रों में निवास, हीमोडायलिसिस।
जटिलताओं का विवरण
संभावित जटिलताएँ
जटिलताएँ:
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दीर्घकालिक हेपेटाइटिस → सिरोसिस (15-40% अनुपचारित मामलों में)
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यकृत कोशिका कार्सिनोमा (HCC) — भारत में यकृत कैंसर का प्रमुख कारण
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तीव्र यकृत विफलता (fulminant hepatitis — ~1%)
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यकृत-बाहरी जटिलताएँ
स्वास्थ्य लाभ और संभावनाएं
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
तीव्र संक्रमण पूर्वानुमान: >95% प्रतिरक्षा-सक्षम वयस्क स्वतः वायरस को समाप्त कर देते हैं। फुलमिनेंट हेपेटाइटिस <1% मामलों में होता है, लेकिन प्रत्यारोपण के बिना 60–80% मृत्यु दर होती है।
दीर्घकालिक संक्रमण पूर्वानुमान:
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दीर्घकालिकता का जोखिम संक्रमण की आयु के व्युत्क्रमानुपाती होता है: नवजात शिशुओं में 90%, 1–5 वर्ष के बच्चों में 30%, वयस्कों में <5%।
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दीर्घकालिक वाहकों में: 15–40% में दशकों में यकृत सिरोसिस, हेपैटोसेल्युलर कार्सिनोमा (HCC) या यकृत विफलता विकसित होती है।
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HCC जोखिम: असंक्रमित जनसंख्या की तुलना में 100× अधिक। सिरोसिस रोगियों में वार्षिक HCC घटना दर: 2–5%।
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एंटीवायरल उपचार (tenofovir, entecavir) से: >95% में वायरल दमन, फाइब्रोसिस में सुधार संभव, HCC जोखिम काफी कम लेकिन पूर्णतः समाप्त नहीं।
कार्यात्मक इलाज (HBsAg क्षति): वर्तमान चिकित्सा से <10% में प्राप्त। HBV DNA यकृत कोशिकाओं में cccDNA के रूप में अनिश्चितकाल तक बना रहता है।
