अवलोकन
मच्छर-जनित विषाणुजनित संक्रमण जो पीलिया, रक्तस्राव और अंग विफलता उत्पन्न कर सकता है। गंभीर मामलों में मृत्यु दर 20–60%।
लक्षण
लक्षण | आवृत्ति | गंभीरता | शुरुआत |
|---|---|---|---|
| पीठ दर्द | 75% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| मंद हृदय गति | 35% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| ठंड लगना | 85% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| बुखार | 95% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| सिरदर्द | 90% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| मांसपेशियों में दर्द | 80% | मध्यम | प्रारंभिक चरण |
| नेत्रश्लेष्मलाशोथ | 35% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| चक्कर आना | 40% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| थकान | 65% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| भूख न लगना | 50% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| मतली | 70% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| उल्टी | 55% | हल्का | प्रारंभिक चरण |
| पेट दर्द | 14% | गंभीर | चरम चरण |
| मसूड़ों से खून आना | 11% | गंभीर | चरम चरण |
| रक्तस्राव | 10% | गंभीरतम | चरम चरण |
| तेज बुखार | 12% | गंभीरतम | चरम चरण |
| पीलिया | 17% | गंभीर | चरम चरण |
| पेटीकिया | 9% | गंभीर | चरम चरण |
| भ्रम | 5% | गंभीरतम | चरम चरण |
| गहरे रंग का मूत्र | 8% | गंभीर | चरम चरण |
| निर्जलीकरण | 6% | मध्यम | चरम चरण |
| निम्न रक्तचाप | 4% | गंभीरतम | चरम चरण |
| अल्पमूत्रता | 7% | गंभीर | चरम चरण |
| दौरे | 3% | गंभीरतम | चरम चरण |
| शॉक | 4% | गंभीरतम | चरम चरण |
संचरण
अवलोकन
पीत ज्वर (येलो फीवर) पीत ज्वर वायरस (YFV, Flaviviridae कुल) द्वारा उत्पन्न एक तीव्र विषाणुजनित रक्तस्रावी बुखार है। Aedes और Haemagogus मच्छरों द्वारा संचरण। उष्णकटिबंधीय अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में स्थानिक। विषाक्त चरण में CFR 20–60%। YF-17D टीका अत्यधिक प्रभावी — एकल खुराक से आजीवन सुरक्षा। IHR के अंतर्गत अनिवार्य रिपोर्टिंग।
अवलोकन
पीत ज्वर (Yellow Fever) एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है जो YFV (Yellow Fever Virus, Flaviviridae) के कारण होता है। संचरण: एडीज़ (Aedes) और हीमागोगस (Haemagogus) मच्छर। यह एकमात्र रोग है जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय यात्रा में टीकाकरण कानूनी रूप से अनिवार्य है (International Health Regulations, IHR 2005)। अंतर्राष्ट्रीय टीकाकरण प्रमाणपत्र (International Certificate of Vaccination or Prophylaxis — ICVP) ~40 देशों में प्रवेश के लिए आवश्यक है। स्थानिक क्षेत्र: उप-सहारा अफ़्रीका और दक्षिण अमेरिका का उष्णकटिबंधीय क्षेत्र। भारत में पीत ज्वर नहीं पाया जाता, लेकिन भारत को WHO द्वारा "at-risk" माना जाता है (एडीज़ मच्छर व्यापक रूप से उपस्थित)। गंभीर मामलों में मृत्यु दर: 20-60%। टीका (17D): एक खुराक, आजीवन सुरक्षा।
आपातकालीन संकेत
बुखार + पीलिया + रक्तस्राव — स्थानिक क्षेत्र से यात्रा के बाद → तुरंत आपातकालीन विभाग। भ्रामक सुधार के बाद तेज़ गिरावट (विषाक्त चरण की शुरुआत)। काली उल्टी। पेशाब बंद। भ्रम/बेहोशी।
विस्तृत लक्षण
सबसे सामान्य संकेत और लक्षण
द्विचरणीय रोग (biphasic illness)। प्रथम चरण (संक्रमण चरण): अचानक तेज़ बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना/उल्टी, सापेक्ष मंदनाड़ी (relative bradycardia — फ़ेजेट संकेत/Faget sign)। शांत काल (remission): 24-48 घंटे का भ्रामक सुधार। विषाक्त चरण (toxic phase — ~15-25% रोगियों में): गंभीर पीलिया (jaundice — इसीलिए "पीला बुखार"), रक्तस्राव (haemorrhage) — मसूड़ों, नाक, आँतों से; "काली उल्टी" (vomito negro/black vomit) — पेट में रक्तस्राव; गुर्दा विफलता (renal failure), यकृत विफलता (hepatic failure), सदमा (shock)। मृत्यु दर (विषाक्त चरण): 20-60%।
लक्षणों को जानना तेज़ प्रतिक्रिया की दिशा में पहला कदम है।
रोग का क्रम
रोग का सामान्य क्रम:
- ऊष्मायन अवधि: 3–6 दिन।
- संक्रमण काल (3–4 दिन): अचानक बुखार (39–40°C), सिरदर्द, माँसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, जी मिचलाना, उल्टी। Faget संकेत (बुखार के बावजूद सापेक्ष मंदनाड़ी)। विरेमिया उपस्थित — मच्छर संक्रमित हो सकते हैं।
- विश्राम काल (24–48 घंटे): बुखार और लक्षण अस्थायी रूप से कम होते हैं। अधिकांश रोगी इस चरण में ठीक हो जाते हैं।
- नशा काल ("विषाक्त चरण", 15% मामले): बुखार पीलिया (यकृत विफलता), रक्तस्रावी अभिव्यक्तियाँ (रक्तवमन — "vomito negro", श्लेष्मा रक्तस्राव), वृक्क विफलता (मूत्राल्पता, बढ़ता क्रिएटिनिन), प्रसारित अंतर्वाहिकीय स्कंदन (DIC) के साथ लौटता है।
- समाधान या मृत्यु (शुरुआत से 7–10 दिन): मृत्यु आमतौर पर शुरुआत के 7–10 दिन बाद, सामान्यतः बहु-अंग विफलता से। उत्तरजीवी 2–4 सप्ताह में धीरे-धीरे ठीक होते हैं।
निदान
इस बीमारी की पहचान कैसे की जाती है
RT-PCR: रोग के प्रथम 5 दिनों में। सीरोलॉजी: IgM ELISA (5 दिन बाद)। यकृत बायोप्सी: मिडज़ोनल नेक्रोसिस (Councilman bodies) — विशिष्ट (characteristic) लेकिन रक्तस्राव के कारण बायोप्सी वर्जित। विभेदक निदान (differential diagnosis): वायरल हेपेटाइटिस, लेप्टोस्पाइरोसिस, डेंगू रक्तस्रावी बुखार, मलेरिया।
उपचार
उपलब्ध उपचार विधियाँ
कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा नहीं। सहायक उपचार (supportive care): IV द्रव, रक्त उत्पाद (blood products), ICU में गहन देखभाल। यकृत/गुर्दा विफलता का प्रबंधन। पैरासिटामोल बुखार के लिए (एस्पिरिन/NSAIDs वर्जित — रक्तस्राव बढ़ सकता है)।
अधिकांश मामलों का शीघ्र निदान से प्रभावी उपचार किया जाता है।
रोकथाम विवरण
अपनी सुरक्षा कैसे करें
टीका 17D: एक खुराक, चमड़े के नीचे (subcutaneous)। ICVP (अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणपत्र): 2016 से आजीवन वैध (पहले 10 वर्ष)। ~40 देशों में प्रवेश के लिए अनिवार्य। भारतीय यात्रियों के लिए: अफ़्रीका और दक्षिण अमेरिका जाने से पहले अनिवार्य टीकाकरण — यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले। भारत लौटने पर: भारत सरकार पीत ज्वर स्थानिक देशों से आने वाले यात्रियों से ICVP माँग सकती है। मतभेद (contraindications): इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज़्ड, गर्भवती, 6 महीने से छोटे शिशु, अंडे से गंभीर एलर्जी, 60+ वर्ष (सावधानी)। मच्छर से बचाव: DEET, सुरक्षात्मक कपड़े।
तैयारी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
यात्रा सलाह
भारतीय यात्री: अफ़्रीका (नाइजीरिया, केन्या, तंज़ानिया, इथियोपिया, घाना) और दक्षिण अमेरिका (ब्राज़ील, पेरू, कोलंबिया, बोलीविया) जाने से पहले 17D टीका अनिवार्य। ICVP प्रमाणपत्र साथ रखें। यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले टीकाकरण। भारत लौटते समय: स्थानिक देशों से आने पर ICVP आवश्यक हो सकता है।
यह कितना सामान्य है?
सांख्यिकी और भौगोलिक डेटा
वैश्विक: 47 स्थानिक देश (34 अफ़्रीका, 13 अमेरिका)। ~200,000 मामले और ~30,000 मृत्यु/वर्ष (WHO अनुमान)। भारत: कोई स्थानिक संचरण नहीं, लेकिन एडीज़ मच्छर व्यापक — आयात का ख़तरा। ब्राज़ील: 2017-2019 में बड़ा प्रकोप (sylvatic cycle)। अफ़्रीका: नाइजीरिया, DRC, अंगोला में आवर्ती प्रकोप। EYE (Eliminate Yellow Fever Epidemics): WHO रणनीति 2017-2026।
जोखिम कारक
सबसे अधिक जोखिम में कौन है
बिना टीकाकरण स्थानिक क्षेत्रों में निवास, वन क्षेत्रों में व्यावसायिक/मनोरंजक गतिविधियाँ (वन चक्र), मच्छर सुरक्षा का अभाव। वृद्ध आयु और प्रतिरक्षादमन: गंभीर रोग। टीका-संबंधी रोग (YEL-AVD): दुर्लभ, लेकिन >60 वर्ष और थाइमस रोग में अधिक जोखिम।
जटिलताओं का विवरण
संभावित जटिलताएँ
विषाक्त चरण की जटिलताएँ: बहु-अंग विफलता (multi-organ failure), DIC (disseminated intravascular coagulation), तीव्र गुर्दा विफलता, यकृत विफलता/एंसेफ़ेलोपैथी, रक्तस्रावी सदमा। ठीक होने वालों में दीर्घकालिक प्रतिरक्षा — पुनः संक्रमण नहीं होता। टीका दुष्प्रभाव (दुर्लभ): YEL-AND (neurotropic disease), YEL-AVD (viscerotropic disease) — दोनों अत्यंत दुर्लभ।
स्वास्थ्य लाभ और संभावनाएं
अपेक्षित परिणाम और स्वास्थ्य लाभ
हल्का/मध्यम रोग (~85% रोगलक्षणात्मक मामले): स्व-सीमित, 3–4 दिनों में पूर्ण स्वस्थता।
गंभीर रोग (~15% रोगलक्षणात्मक मामले, "विषाक्त चरण"):
-
विषाक्त चरण विकसित होने पर CFR 20–50%।
-
गंभीर हेपेटाइटिस, वृक्क विफलता, रक्तस्रावी अभिव्यक्तियाँ, बहु-अंग शिथिलता।
-
कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार मौजूद नहीं — प्रबंधन पूर्णतः सहायक।
समग्र: अधिकांश संक्रमण लक्षणहीन या हल्के होते हैं। लक्षण विकसित करने वालों में से ~15% गंभीर रोग में प्रगति करते हैं। समग्र संक्रमण-मृत्यु दर: ~3–7.5%।
स्वस्थता: उत्तरजीवियों में आजीवन प्रतिरक्षा विकसित होती है। कोई दीर्घकालिक वाहक अवस्था नहीं।
